फीफा विश्व कप क्वॉलिफायर में भारत-कुवैत आमने-सामने
भारतीय फुटबॉल टीम बृहस्पतिवार को फीफा विश्वकप क्वालिफायर में कुवैत के खिलाफ साल्ट लेक स्टेडियम पर उतरेगी तो उस पर दोहरी भावनाओं का सैलाब उमड़ रहा होगा। एक तो यह दिग्गज स्ट्राइकर सुनील छेत्री का अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच होगा, दूसरा टीम को विदाई के तोहफे में हर हाल में जीत चाहिए होगी। हालांकि यह आसान नहीं होगा। दोनों की फीफा रैंकिंग में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। भारत 121वें और कुवैत 139वें स्थान पर है। यहां मिली जीत भारतीय फुटबॉल की दिशा और दशा दोनों बदल सकती है। भारत जीतने पर पहली बार विश्वकप क्वालिफायर के तीसरे दौर में पहुंच सकता है और 150 अंतरराष्ट्रीय मैच में 94 गोल करने वाले छेत्री के लिए इससे बड़ा तोहफा और कोई नहीं हो सकता है।छेत्री इस मैच को अपना अंतिम मैच मानकर दबाव नहीं बढ़ाना चाहते हैं। छेत्री कहते हैं कि वह संन्यास की घोषणा पहले कर चुके हैं और अब उनका ध्यान सिर्फ कुवैत के मैच पर है। संन्यास की बात खत्म हो चुकी है। संन्यास के बाद साथी खिलाडिय़ों से मिले हुए उन्हें 20 दिन हो चुके हैं। डे्रसिंग रूम में इस बारे में कोई बात नहीं होती है। छेत्री बीते वर्ष सैफ चैंपियनशिप के फाइनल में कुवैत को पेनाल्टी शूटआउट में 5-4 से और विश्वकप क्वालिफायर के पहले मैच में इस टीम को हराने में उल्लेखनीय भूमिका निभा चुके हैं। एक लाख दर्शकों के बीच वह यहां भी ऐसा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
Chhattisgarh में धवईपानी-चिल्फी से सिमगा तक 4-लेन सड़क को हरी झंडी
Chhattisgarh में धान खरीदी पर छिड़ा पोस्टर वॉर, सियासत गरमाई
जादू-टोने के शक में युवक ने की बुजुर्ग महिला की हत्या
Pakistan Team: क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर लगा 50-50 लाख का जुर्माना? टी20 विश्वकप से बाहर होने पर PCB सख्त
चेक बाउंस: न डरें, न हल्के में लें; जानिए जेल का डर कितना सच और धारा 138 में क्या है सजा और कब होती है सख्ती?
Bhojeshwar Temple में वरमाला पर बवाल, ‘परमीशन’ को लेकर कपल रोका गया