दिल्ली में भाजपा और संघ के प्रमुख नेताओं के बीच बैठक
नई दिल्ली । भाजपा में इन दिनों उत्तर प्रदेश को लेकर बड़ी हलचल मची हुई है।पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक के बीच में लगातार मतभेद की खबरें बाहर आ रही हैं। मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में दोनों मुख्यमंत्री शामिल नहीं हो रहे हैं। तीनों के बीच मतभेद की खबर सुर्खियों में है। मीडिया में कहा जा रहा है, केंद्रीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलना चाहता है। दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। कल भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों की एक बैठक बुलाई है। संघ प्रमुख मोहन भागवत भी दिल्ली में हैं।कहा जा रहा है, कल एक उच्च स्तरीय बैठक दिल्ली में होने जा रही है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संघ प्रमुख मोहन भागवत, गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक इस बैठक में शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश की सत्ता और संगठन के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय की संभावना जताई जा रही है। इसको लेकर दिल्ली का राजनीतिक माहौल काफी गर्म है। बड़ी संख्या में भाजपा के उत्तर प्रदेश के विधायक दिल्ली पहुंचे हुए हैं। भाजपा के अंदर उत्तर प्रदेश की सत्ता और संगठन को लेकर जो तूफान पार्टी के अंदर मचा हुआ है। उसको देखते हुए समाजवादी पार्टी भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हो गई है। कहा जा रहा है, भाजपा के बहुत सारे विधायक बगावत की मुद्रा में है। ऐसी स्थिति में भाजपा हाईकमान के लिए उत्तर प्रदेश का मामला सुलझाने की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। शनिवार को इस मामले में कोई बड़ा निर्णय भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व ले सकता है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के दिल्ली पहुंचने के बाद इस मामले की गंभीरता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। यह कहा जा रहा है, एक-दो दिन के अंदर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बारे में भाजपा हाईकमान कोई बड़ा फैसला लेने जा रहा है। भाजपा हाईकमान और संघ इस मामले में भी चर्चा कर रहा है। यदि योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाता है। तो इसका असर हरियाणा झारखंड और महाराष्ट्र के चुनाव में किस तरह से पड़ेगा। इसका भी आकलन किया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ हिंदुत्व के एक बड़े चेहरे हैं।
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